Number System: Binary, Decimal, Hexadecimal

लेखक: अभ्यास नीति | Last Updated: 13 अक्टूबर 2026

Computer के अंदर सारे numbers, letters और photos सिर्फ़ दो अंकों में लिखे होते हैं: 0 और 1। इसे binary number system कहते हैं। हम रोज़ decimal system (0 से 9) इस्तेमाल करते हैं, पर computer की दुनिया में octal और hexadecimal भी चलते हैं, क्योंकि लंबे binary numbers को छोटा करके लिखने में ये काम आते हैं। इस पेज में चारों number systems की परिभाषा, base की समझ, एक-दूसरे में step-by-step conversion के जाँचे हुए उदाहरण, binary से octal और hexadecimal का shortcut trick, computer binary ही क्यों समझता है, bit-byte की गिनती, आम गलतियाँ और 10 प्रश्नों का क्विज़ है। सारे तथ्य NCERT की Class 11 Computer Science किताब के Chapter 2 “Encoding Schemes and Number System” से जाँचे गए हैं, और हर conversion example Python से दोबारा calculate करके verify किया गया है।

Number System — binary अंक 0 और 1 से decimal अंकों में बदलता चित्रण

इस पेज में

Number System क्या है

NCERT के अनुसार number system संख्या लिखने (represent) की एक method है। हर number system में कुछ unique characters या literals होते हैं, और इन literals की गिनती को उस system का base या radix कहते हैं।

Number systems positional होते हैं: किसी अंक का मान सिर्फ़ उसके चेहरे से नहीं, उसकी position से भी तय होता है। हर position का मान base की power होता है। दाएँ से integer part की पहली position 0 होती है, फिर बाएँ की ओर 1, 2, 3 बढ़ती जाती है। यही नियम decimal, binary, octal और hexadecimal चारों पर लागू होता है। Base को number के subscript में लिखकर systems को अलग पहचाना जाता है, जैसे (70)₈ का मतलब octal 70 और (70)₁₀ का मतलब decimal 70।

एक छोटा उदाहरण: decimal number 237 में अंक 7 की position 0 है, 3 की position 1 है और 2 की position 2 है। इसलिए 237 = 2×10² + 3×10¹ + 7×10⁰ = 200 + 30 + 7। यही positional logic binary में 2 की powers के साथ और hexadecimal में 16 की powers के साथ काम करता है।

चारों Number Systems: एक नज़र में

Computer के context में चार number systems इस्तेमाल होते हैं।

Number System Base अंक उदाहरण
Decimal 10 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 461
Binary 2 0, 1 1101
Octal 8 0, 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 715
Hexadecimal 16 0-9 और A, B, C, D, E, F 1CD

Decimal हमारी रोज़ की गिनती का system है। Binary computer के circuits की भाषा है। Octal और hexadecimal binary को compact लिखने के लिए बनाए गए थे: तीन binary digits मिलकर एक octal digit बनाते हैं (क्योंकि 8 = 2³), और चार binary digits मिलकर एक hexadecimal digit (क्योंकि 16 = 2⁴)।

Hexadecimal में A, B, C, D, E, F letters 10 से 15 के decimal मानों के लिए इस्तेमाल होते हैं। A = 10, B = 11, C = 12, D = 13, E = 14, F = 15। यह mapping याद रखना conversion के लिए ज़रूरी है।

Decimal और Binary: दोनों दिशाओं में conversion

Binary से decimal में बदलने के लिए हर अंक को उसकी position value (2 की power) से गुणा करके सबको जोड़ दो।

उदाहरण: (10110)₂ को decimal में बदलो।

1×2⁴ + 0×2³ + 1×2² + 1×2¹ + 0×2⁰
= 16 + 0 + 4 + 2 + 0
= 22

इसलिए (10110)₂ = (22)₁₀।

Decimal से binary में बदलने के लिए number को 2 से बार-बार भाग दो और शेषफल (remainder) लिखते जाओ। भागफल (quotient) शून्य हो जाए, तो शेषफलों को नीचे से ऊपर की ओर पढ़ो।

उदाहरण: 19 को binary में बदलो।

19 ÷ 2 = 9, शेष 1
9 ÷ 2 = 4, शेष 1
4 ÷ 2 = 2, शेष 0
2 ÷ 2 = 1, शेष 0
1 ÷ 2 = 0, शेष 1

नीचे से ऊपर पढ़ने पर: 10011। इसलिए (19)₁₀ = (10011)₂। जाँच: 16 + 2 + 1 = 19, सही।

एक और: 13 को binary में बदलो।

13 ÷ 2 = 6, शेष 1
6 ÷ 2 = 3, शेष 0
3 ÷ 2 = 1, शेष 1
1 ÷ 2 = 0, शेष 1

नीचे से ऊपर: 1101। जाँच: 8 + 4 + 1 = 13, सही।

परीक्षा में यह जाँच काम आती है: division method से मिला binary वापस decimal में बदलकर देख लो। दोनों दिशाओं का मेल हो जाए, तो उत्तर पक्का।

Octal और Hexadecimal: परिभाषा और conversion

Octal base-8 system है, जिसमें 0 से 7 तक आठ अंक होते हैं। NCERT के अनुसार octal binary numbers को compact लिखने के लिए बनाया गया था।

Decimal से octal में बदलने के लिए 8 से बार-बार भाग दो और शेषफल नीचे से ऊपर पढ़ो।

उदाहरण: 45 को octal में बदलो।

45 ÷ 8 = 5, शेष 5
5 ÷ 8 = 0, शेष 5

इसलिए (45)₁₀ = (55)₈। जाँच: 5×8 + 5 = 45, सही।

Octal से decimal में बदलने के लिए position value (8 की power) से गुणा करके जोड़ो।

उदाहरण: (73)₈ = 7×8¹ + 3×8⁰ = 56 + 3 = 59। इसलिए (73)₈ = (59)₁₀।

Hexadecimal base-16 system है, जिसमें 0-9 के बाद A से F तक छह letters आते हैं। Decimal से hexadecimal में बदलने के लिए 16 से भाग दो।

उदाहरण: 27 को hexadecimal में बदलो।

27 ÷ 16 = 1, शेष 11

शेष 11 को hexadecimal में B लिखते हैं। इसलिए (27)₁₀ = (1B)₁₆। जाँच: 1×16 + 11 = 27, सही।

Hexadecimal से decimal में बदलने के लिए letters को उनके decimal मान में बदलकर position value से गुणा करो।

उदाहरण: (A5)₁₆ = 10×16¹ + 5×16⁰ = 160 + 5 = 165। इसलिए (A5)₁₆ = (165)₁₀।

दशमलव वाले numbers का conversion भी possible है। Decimal fraction को binary में बदलने के लिए fraction part को 2 से बार-बार गुणा करो और पूर्णांक भाग लिखते जाओ।

उदाहरण: 0.625 को binary में बदलो।

0.625 × 2 = 1.25, पूर्णांक 1
0.25 × 2 = 0.5, पूर्णांक 0
0.5 × 2 = 1.0, पूर्णांक 1

ऊपर से नीचे पढ़ने पर: 0.101। इसलिए (0.625)₁₀ = (0.101)₂। जाँच: 0.5 + 0.125 = 0.625, सही।

Shortcut trick: 3-bit और 4-bit grouping

Binary से octal या hexadecimal में जाने के लिए division method की ज़रूरत नहीं। सीधा grouping trick काम करता है।

Binary से octal: दाएँ से 3-3 अंकों के समूह बनाओ। हर समूह एक octal digit होता है।

उदाहरण: (110101)₂ को octal में बदलो।

110 | 101
6 | 5

इसलिए (110101)₂ = (65)₈। जाँच: binary का decimal मान 32 + 16 + 4 + 1 = 53, और 6×8 + 5 = 53। दोनों बराबर, सही।

Binary से hexadecimal: दाएँ से 4-4 अंकों के समूह बनाओ। हर समूह एक hexadecimal digit होता है।

उदाहरण: (101101)₂ को hexadecimal में बदलो।

0010 | 1101
2 | D

इसलिए (101101)₂ = (2D)₁₆। जाँच: binary का decimal मान 32 + 8 + 4 + 1 = 45, और 2×16 + 13 = 45। दोनों बराबर, सही।

उल्टी दिशा में भी यही trick काम करती है: हर octal digit को 3-bit binary में और हर hex digit को 4-bit binary में खोल दो। यही वजह है कि programmers लंबे binary codes को hex में लिखना पसंद करते हैं: 16 binary digits सिर्फ़ 4 hex digits में समा जाते हैं।

Computer binary ही क्यों समझता है

NCERT (Section 2.2.2) बताता है कि computer के ICs (Integrated Circuits) बहुत सारे transistors से बने होते हैं। ये transistors मिलने वाले electronic signal (low/high) से activate होते हैं। Transistor की दो states होती हैं: ON/high और OFF/low। इन्हीं दो states को 1 और 0 से दिखाया जाता है, और यही दो अंक binary number system बनाते हैं।

दो states वाला system circuits के लिए सबसे भरोसेमंद है। Voltage में थोड़ी गड़बड़ी हो, तब भी ON और OFF के बीच का फर्क साफ़ पहचाना जाता है। अगर circuits को दस अलग-अलग voltage levels (decimal के लिए) पहचानने पड़ते, तो हर छोटा शोर गलत गिनती कर देता। इसलिए computer के hardware का level सिर्फ़ binary समझता है, और keyboard से दबाई हर key पहले किसी code (जैसे A का code 65) में और फिर उसके binary रूप में बदलकर computer तक पहुँचती है।

Hexadecimal का असली इस्तेमाल binary को छोटा लिखने में है। NCERT (Section 2.2.5) दो उदाहरण देता है। पहला: memory addresses। 16-bit का address 1100000011110001 binary में लिखना मुश्किल है, पर hexadecimal में यही C0F1 लिखा जाता है। दूसरा: web page के color codes। हर color तीन 8-bit parts (Red, Green, Blue) से बनता है, और 24-bit का binary code hexadecimal में लिखा जाता है, जैसे RED = (FF, 00, 00)₁₆। Octal भी इसी काम के लिए बनाया गया था, पर आज hexadecimal ज़्यादा चलता है।

Bit, Byte और 256 values

Binary का एक अंक bit कहलाता है। 8 bits मिलकर 1 byte बनाते हैं। यह गिनती number system से सीधी जुड़ी है।

n bits से 2ⁿ अलग values बनती हैं। 1 bit से 2 values (0, 1)। 8 bits से 2⁸ = 256 values, यानी 0 से 255 तक के सारे numbers एक byte में आ जाते हैं। इसीलिए character codes और छोटी गिनतियों के लिए byte बुनियादी इकाई है। Computer की memory कैसे काम करती है और RAM-ROM में क्या फर्क है, यह computer memory वाले पेज में detail से समझाया गया है।

ASCII code का उदाहरण इस connection को साफ़ करता है। Keyboard से A दबाने पर वह decimal code 65 में map होता है, और 65 का binary रूप 1000001 है। यानी एक character भी आखिर में 0 और 1 की string बनकर computer तक पहुँचता है। Computer full form वाले पेज में ASCII जैसे शब्दों के full form और एक लाइन के मतलब मिलेंगे, और computer की पूरी बुनियादी जानकारी का नक्शा computer GK वाले pillar पेज में है।

आम गलतियाँ

  1. Octal में 8 या 9 लिखना। Octal में सिर्फ़ 0 से 7 तक अंक आते हैं। 8 दिखते ही वह number octal हो ही नहीं सकता।
  2. Hex letters का मान भूलना। A = 10, B = 11, C = 12, D = 13, E = 14, F = 15। (A5)₁₆ को 105 समझने की गलती आम है; सही मान 165 है।
  3. Division method में शेषफल ऊपर से नीचे पढ़ना। शेषफल हमेशा नीचे से ऊपर की ओर पढ़े जाते हैं। ऊपर से नीचे पढ़ने पर उल्टा number मिलता है।
  4. Grouping बाएँ से करना। 3-bit या 4-bit के समूह हमेशा दाएँ से बनते हैं। बाएँ से grouping करने पर गलत octal या hex digit मिलता है।
  5. Binary में 2 लिखना। Binary में सिर्फ़ 0 और 1 आते हैं। 2 दिखते ही वह binary number नहीं है।

क्विज़: 10 प्रश्न

नीचे 10 प्रश्न हैं। हर प्रश्न इसी पेज की जानकारी से बना है।

Q1: Binary number 1011 का decimal मान क्या है?
A: 9
B: 13
C: 11
D: 12
ANS: C
WHY: 1×8 + 0×4 + 1×2 + 1×1 = 11, इसलिए (1011)₂ = (11)₁₀।

Q2: Decimal 20 का binary रूप क्या है?
A: 10010
B: 10100
C: 11000
D: 10101
ANS: B
WHY: 2 से बार-बार भाग देने पर शेषफल नीचे से ऊपर 10100 मिलते हैं; जाँच: 16 + 4 = 20।

Q3: Hexadecimal number system का base क्या है?
A: 16
B: 8
C: 2
D: 10
ANS: A
WHY: Hexadecimal में 0-9 और A-F कुल 16 symbols होते हैं, इसलिए base 16 है।

Q4: Octal number system में कौन-सा अंक नहीं आता?
A: 7
B: 5
C: 8
D: 0
ANS: C
WHY: Octal base-8 system है, जिसमें सिर्फ़ 0 से 7 तक अंक आते हैं।

Q5: Hexadecimal में F का decimal मान क्या है?
A: 14
B: 10
C: 16
D: 15
ANS: D
WHY: Hexadecimal में A=10 से F=15 तक mapping होती है, इसलिए F = 15।

Q6: (2F)₁₆ का decimal मान क्या है?
A: 47
B: 45
C: 46
D: 49
ANS: A
WHY: 2×16 + 15 = 47, क्योंकि F का मान 15 है।

Q7: Binary 110 का octal रूप क्या है?
A: 5
B: 110
C: 3
D: 6
ANS: D
WHY: 3-bit grouping से 110 एक ही समूह है, जिसका मान 6 है; इसलिए (110)₂ = (6)₈।

Q8: 1 byte में कितने bits होते हैं?
A: 8
B: 4
C: 16
D: 2
ANS: A
WHY: 8 bits मिलकर 1 byte बनाते हैं, और 8 bits से 256 values (0 से 255) बनती हैं।

Q9: Decimal 9 का hexadecimal रूप क्या है?
A: A
B: 9
C: 11
D: 10
ANS: B
WHY: 9, 16 से छोटा है, इसलिए hexadecimal में भी 9 ही लिखा जाता है; A का मान 10 है।

Q10: Binary number 101 का decimal मान क्या है?
A: 4
B: 3
C: 6
D: 5
ANS: D
WHY: 1×4 + 0×2 + 1×1 = 5, इसलिए (101)₂ = (5)₁₀।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Binary में सिर्फ़ 0 और 1 ही क्यों होते हैं? क्योंकि binary base-2 system है, जिसमें सिर्फ़ दो symbols होते हैं। Computer के transistors की भी दो states (ON/OFF) होती हैं, इसलिए 0 और 1 hardware से सीधे जुड़ते हैं।

Hexadecimal में A से F letters क्यों आते हैं? Hexadecimal base-16 system है, जिसमें 16 symbols चाहिए। 0 से 9 तक दस अंक मिलते हैं, बाकी छह मानों (10 से 15) के लिए A से F letters इस्तेमाल होते हैं।

Decimal को binary में बदलने का सबसे आसान तरीका क्या है? 2 से बार-बार भाग दो और शेषफल लिखते जाओ; भागफल शून्य हो जाए तो शेषफलों को नीचे से ऊपर पढ़ो। यही division method है।

Octal का इस्तेमाल कहाँ होता है? Octal binary numbers को compact लिखने के लिए बनाया गया था। तीन binary digits मिलकर एक octal digit बनाते हैं, इसलिए लंबे binary codes छोटे हो जाते हैं।

1 byte में कितनी values आ सकती हैं? 8 bits से 2⁸ = 256 अलग values बनती हैं, यानी 0 से 255 तक के सारे numbers।

आगे पढ़ें

कंप्यूटर के और विषय, हर पेज पर जाँची हुई जानकारी और क्विज़:

स्रोत

  • NCERT Class 11 Computer Science, Chapter 2 “Encoding Schemes and Number System”: number system की परिभाषा, base/radix, positional value, चारों systems के अंक, binary का transistor कारण, octal और hexadecimal की compact representation, hexadecimal में memory address (C0F1) और web color codes। Chapter का full text: https://archive.org/stream/ncert-kecs1/kecs102_djvu.txt (NCERT textbook का archive.org mirror)।
  • Python से verify किए गए सारे conversion calculations (decimal-binary, decimal-octal, decimal-hexadecimal, binary-octal, binary-hexadecimal, hexadecimal-decimal, octal-decimal और fraction conversion)।

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