लेखक: अभ्यास नीति | Last Updated: 6 अक्टूबर 2026
तत्सम वे शब्द हैं जो संस्कृत से बिना बदले हिंदी में आए — जैसे अग्नि, सूर्य। बदलकर आए शब्द तद्भव हैं — जैसे आग, सूरज। परीक्षा में “X का तत्सम/तद्भव बताओ” और “कानून किस भाषा का शब्द है” जैसे प्रश्न हर साल आते हैं। इस पेज में चारों वर्गों (तत्सम, तद्भव, देशज, विदेशी) की परिभाषा और तुलना, तत्सम से तद्भव बनने के ध्वनि-नियम, 54 जाँचे हुए जोड़े, विदेशी शब्दों का भाषा-वार वर्गीकरण और 10 प्रश्नों का क्विज़ है।

इस पेज में
- चारों वर्ग क्या हैं
- तत्सम से तद्भव: ध्वनि-नियम
- 54 जोड़ों की सूची
- देशज शब्द
- विदेशी शब्द — भाषा-वार
- पहचानने की ट्रिक
- आम गलतियाँ
- क्विज़: 10 प्रश्न
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आगे पढ़ें
- स्रोत
चारों वर्ग क्या हैं
हिंदी के शब्द उत्पत्ति के आधार पर चार वर्गों में बाँटे गए हैं।
| वर्ग | परिभाषा | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| तत्सम | संस्कृत से बिना बदले आए शब्द | संस्कृत जैसा रूप | अग्नि, सूर्य, चंद्र, धर्म |
| तद्भव | संस्कृत से बदलकर आए शब्द | बदला हुआ रूप | आग, सूरज, चाँद |
| देशज | देश में ही बने, मूल अज्ञात | किसी भाषा से मेल नहीं | लोटा, खिड़की, पगड़ी |
| विदेशी | दूसरी भाषाओं से आए शब्द | मूल भाषा का चिह्न | किताब (अरबी), स्कूल (अंग्रेज़ी) |
नोट: कुछ किताबें ‘कारज’, ‘धीरज’ जैसे शब्दों को अर्धतत्सम (पाँचवाँ वर्ग) कहती हैं। इस पेज का 4-वर्ग ढाँचा मानक व्याकरण-परंपरा के अनुसार है; अर्धतत्सम रूप तद्भव के निकट माने गए हैं।
तत्सम से तद्भव: ध्वनि-नियम
तत्सम शब्द तद्भव बनते समय कुछ निश्चित ध्वनि-बदलावों से गुज़रते हैं। तीन प्रमुख पैटर्न:
| पैटर्न | क्या होता है | उदाहरण |
|---|---|---|
| संयुक्त व्यंजन का सरलीकरण | दो जुड़े व्यंजनों में से एक लुप्त या नरम होता है | अग्नि → आग, पत्र → पत्ता, कर्म → काम |
| अनुस्वार/विसर्ग का चंद्रबिंदु | नाक से बोला जाने वाला चिह्न आ जाता है | चंद्र → चाँद, दंत → दाँत |
| स्वर में बदलाव | ह्रस्व–दीर्घ बदलता है या स्वर लुप्त होता है | दुग्ध → दूध, कूप → कुआँ, मुख → मुँह |
ये पैटर्न रुझान हैं, अटूट नियम नहीं — अपवाद भी मिलते हैं। इसलिए जोड़े रटने के साथ-साथ पैटर्न समझो।
54 जोड़ों की सूची — तत्सम → तद्भव
हर जोड़ा मानक व्याकरण-परंपरा से जाँचा हुआ है।
- अग्नि – आग
- सूर्य – सूरज
- चंद्र – चाँद
- मुख – मुँह
- दंत – दाँत
- कर्ण – कान
- हस्त – हाथ
- नासिका – नाक
- दुग्ध – दूध
- घृत – घी
- कूप – कुआँ
- ग्राम – गाँव
- रात्रि – रात
- सर्प – साँप
- मयूर – मोर
- अश्व – घोड़ा
- उष्ट्र – ऊँट
- पृष्ठ – पीठ
- जिह्वा – जीभ
- वत्स – बछड़ा
- छत्र – छाता
- काष्ठ – काठ
- लौह – लोहा
- स्वर्ण – सोना
- क्षेत्र – खेत
- धूम – धुआँ
- अक्षि – आँख
- पत्र – पत्ता
- पुष्प – फूल
- दधि – दही
- तैल – तेल
- कर्म – काम
- गृह – घर
- कंटक – काँटा
- शय्या – सेज
- कर्पूर – कपूर
- निम्ब – नीम
- आम्र – आम
- हरिद्रा – हल्दी
- शर्करा – शक्कर
- गुड – गुड़
- लवण – नोन
- ताम्र – ताँबा
- कांस्य – काँसा
- अट्टालिका – अटारी
- कपाट – किवाड़
- भित्ति – भीत
- स्तम्भ – खंभा
- शिर – सिर
- स्कंध – कंधा
- ग्रीवा – गर्दन
- ओष्ठ – होंठ
- कपोल – गाल
- चिबुक – ठोड़ी
देशज शब्द
देशज वे शब्द हैं जो देश में ही बने और जिनका मूल किसी ज्ञात भाषा में नहीं मिलता। इनका कोई तत्सम रूप नहीं होता — इसलिए इन्हें तद्भव समझने की गलती न करो।
- लोटा, खिड़की, पगड़ी, ठेठ, झाड़ू, डिब्बा
पहचान: अगर शब्द न संस्कृत जैसा लगे, न किसी विदेशी भाषा का, तो देशज की संभावना सबसे ज़्यादा है।
विदेशी शब्द — भाषा-वार
हिंदी में हज़ारों शब्द दूसरी भाषाओं से आए हैं। भाषा-वार पहचान परीक्षा में सीधी पूछी जाती है।
| भाषा | उदाहरण |
|---|---|
| अरबी | किताब, कलम, कानून, अदालत, दुनिया |
| फ़ारसी | कुर्सी, दुकान, बाज़ार, सरकार, दरबार |
| तुर्की | कैंची, चाकू, तोप, बारूद, लाश |
| पुर्तगाली | साबुन, तम्बाकू, पादरी, बाल्टी |
| अंग्रेज़ी | स्कूल, कॉलेज, टिकट, डॉक्टर, पुलिस, मोटर |
याद रखने का सूत्र: अदालत–कानून (अरबी), दुकान–बाज़ार (फ़ारसी), तोप–बारूद (तुर्की), साबुन–तम्बाकू (पुर्तगाली)।
पहचानने की ट्रिक
- संस्कृत जैसा दिखे → तत्सम। अग्नि, सूर्य, चंद्र — रूप ही बता देता है।
- बदला-बिगड़ा रूप → तद्भव। आग, सूरज, चाँद — ऊपर के ध्वनि-पैटर्न से मिलाओ।
- जोड़े में याद करो। तत्सम अकेला नहीं, तद्भव के साथ — ‘अग्नि–आग’ एक साँस में।
- विदेशी के लिए काम देखो। कानून-अदालत (अरबी), दुकान-बाज़ार (फ़ारसी), तोप-बारूद (तुर्की) — काम का क्षेत्र भाषा बता देता है।
आम गलतियाँ
- ‘धर्म’ तत्सम है, ‘धरम’ तद्भव। रूप देखकर वर्ग तय करो, अर्थ देखकर नहीं — अर्थ दोनों का एक है, वर्ग रूप से तय होता है।
- विदेशी को तद्भव मत समझो। ‘किताब’ बदलकर नहीं आया, अरबी से सीधा आया है — इसलिए विदेशी है, तद्भव नहीं।
- ‘नमक’ फ़ारसी मूल का है। तद्भव-सूची में इसकी जगह ‘लवण → नोन’ रखो — यही मानक जोड़ा है।
- हर बदला शब्द तद्भव नहीं। ‘खिड़की’ का कोई तत्सम रूप नहीं है — यह देशज है। तद्भव के लिए तत्सम मूल ज़रूरी है।
क्विज़: 10 प्रश्न
नीचे 10 प्रश्न हैं। हर प्रश्न इसी पेज के नियमों और उदाहरणों से बना है।
Q1: 'सूर्य' का तद्भव रूप क्या है? A: सूरज B: सूर्या C: सुरजमल D: दिवाकर ANS: A WHY: सूर्य का तद्भव सूरज है; दिवाकर सूर्य का पर्यायवाची है। Q2: 'कानून' किस भाषा का शब्द है? A: फ़ारसी B: तुर्की C: अरबी D: पुर्तगाली ANS: C WHY: कानून अरबी मूल का शब्द है; अदालत भी अरबी से आई है। Q3: तत्सम–तद्भव का सही जोड़ा कौन-सा है? A: अग्नि – अंगारा B: चंद्र – चाँदनी C: सूर्य – दिवाकर D: दुग्ध – दूध ANS: D WHY: दुग्ध → दूध सही तद्भव-जोड़ा है; दिवाकर पर्याय है, तद्भव नहीं। Q4: 'खिड़की' किस वर्ग का शब्द है? A: तत्सम B: देशज C: तद्भव D: विदेशी ANS: B WHY: खिड़की का मूल किसी ज्ञात भाषा में नहीं मिलता — यह देशज है। Q5: 'कैंची' किस भाषा से आई है? A: तुर्की B: अरबी C: फ़ारसी D: अंग्रेज़ी ANS: A WHY: कैंची तुर्की मूल का शब्द है; चाकू, तोप, बारूद भी तुर्की से हैं। Q6: 'ग्राम' का तद्भव क्या है? A: नगर B: पुर C: बस्ती D: गाँव ANS: D WHY: ग्राम का तद्भव गाँव है। Q7: कौन-सा शब्द विदेशी नहीं है? A: किताब B: स्कूल C: आग D: साबुन ANS: C WHY: आग तद्भव है (अग्नि → आग); किताब अरबी, स्कूल अंग्रेज़ी, साबुन पुर्तगाली है। Q8: 'हल्दी' का तत्सम रूप क्या है? A: हरिद्रा B: हरीतकी C: हलद D: पीतिका ANS: A WHY: हल्दी का तत्सम हरिद्रा है। Q9: 'साबुन' किस भाषा का शब्द है? A: अरबी B: फ़ारसी C: पुर्तगाली D: तुर्की ANS: C WHY: साबुन पुर्तगाली मूल का शब्द है; तम्बाकू और पादरी भी पुर्तगाली से हैं। Q10: 'कुर्सी' किस भाषा से आई है? A: अरबी B: फ़ारसी C: तुर्की D: अंग्रेज़ी ANS: B WHY: कुर्सी फ़ारसी मूल का शब्द है; दुकान, बाज़ार, सरकार भी फ़ारसी से हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
तत्सम शब्द किसे कहते हैं? जो शब्द संस्कृत से बिना किसी बदलाव के हिंदी में आए — जैसे अग्नि, सूर्य, चंद्र, धर्म। ‘तत्’ (वह) + ‘सम’ (समान) — यानी संस्कृत के समान।
तद्भव शब्द की पहचान क्या है? जो शब्द संस्कृत से बदलकर आए — जैसे आग (अग्नि से), सूरज (सूर्य से), चाँद (चंद्र से)। ‘तत्’ + ‘भव’ (उससे उत्पन्न) — यानी संस्कृत से पैदा हुआ, पर बदला हुआ।
‘सूर्य’ का तद्भव क्या है? सूरज। इसी तरह चंद्र → चाँद, अग्नि → आग। तीनों में ध्वनि-सरलीकरण का पैटर्न दिखता है।
देशज और विदेशी शब्दों में क्या अंतर है? देशज का मूल अज्ञात है — वे देश में ही बने (लोटा, खिड़की)। विदेशी का मूल ज्ञात है — वे किसी दूसरी भाषा से आए (किताब–अरबी, स्कूल–अंग्रेज़ी)।
‘कानून’ किस भाषा का शब्द है? अरबी का। अदालत, किताब, कलम भी अरबी से आए हैं। परीक्षा में “कानून–अरबी” सीधा पूछा जाता है।
आगे पढ़ें
व्याकरण के और विषय — हर पेज पर नियम, ट्रिक और क्विज़:
- संधि: परिभाषा, भेद और पहचानने की ट्रिक — व्याकरण का pillar लेख।
- वाक्यांश के लिए एक शब्द — एक शब्द में पूरा भाव (आने वाला पेज)।
- पर्यायवाची शब्द: 89 जाँचे हुए शब्दों की सूची — समान अर्थ वाले शब्द।
स्रोत
स्रोत: वर्ग-परिभाषाएँ और तत्सम–तद्भव जोड़े मानक हिंदी व्याकरण परंपरा (कामताप्रसाद गुरु) के अनुसार रखे गए हैं; विदेशी शब्दों का भाषा-वार वर्गीकरण मानक व्याकरण-संदर्भों से मिलाया गया। हिंदी व्याकरण के सभी टॉपिक हब पेज पर क्रम से मिलेंगे।