Computer Network: LAN, WAN, MAN [2026]

जब दो या दो से अधिक कंप्यूटर आपस में जुड़कर डेटा और संसाधन (जैसे प्रिंटर, इंटरनेट) साझा करते हैं, तो उसे कंप्यूटर नेटवर्क कहते हैं। आपका घर का Wi-Fi, ऑफिस का LAN और पूरा इंटरनेट — ये सभी नेटवर्क के ही उदाहरण हैं। SSC, बैंक और रेलवे की परीक्षाओं में नेटवर्क से जुड़े प्रश्न हर साल पूछे जाते हैं।

इस गाइड में नेटवर्क को गहराई से समझाया गया है — प्रकार (PAN से WAN तक), टोपोलॉजी, नेटवर्क डिवाइस, OSI मॉडल की 7 परतें, TCP/IP, IP एड्रेस, DNS और Firewall, विस्तृत तुलना तालिकाएं, 10 प्रैक्टिस MCQs और परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्यों सहित।

इस पेज में:

कंप्यूटर नेटवर्क क्या है?

कंप्यूटर नेटवर्क दो या दो से अधिक कंप्यूटरों का समूह है जो किसी माध्यम (तार या बेतार) से जुड़े होते हैं और आपस में डेटा, सूचना और संसाधनों का आदान-प्रदान करते हैं। संसाधनों में प्रिंटर, फाइलें, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट कनेक्शन शामिल हैं।

रोज़मर्रा के उदाहरण: घर में एक Wi-Fi से जुड़े मोबाइल-लैपटॉप (छोटा नेटवर्क), और पूरी दुनिया को जोड़ने वाला इंटरनेट (सबसे बड़ा नेटवर्क)।

इतिहास तथ्य: दुनिया का पहला कंप्यूटर नेटवर्क ARPANET था, जिस पर पहला संदेश 1969 में भेजा गया था। ARPANET ही आगे चलकर इंटरनेट बना।

नेटवर्क के 4 बुनियादी घटक

हर नेटवर्क — छोटा हो या बड़ा — इन चार चीजों से बनता है:

घटक मतलब उदाहरण
Sender (प्रेषक) डेटा भेजने वाला डिवाइस आपका कंप्यूटर
Receiver (प्राप्तकर्ता) डेटा पाने वाला डिवाइस दोस्त का मोबाइल
Medium (माध्यम) डेटा के जाने का रास्ता तार (केबल) या बेतार (Wi-Fi)
Protocol (प्रोटोकॉल) डेटा भेजने के नियम TCP/IP, HTTP, FTP

सामान्य प्रोटोकॉल: TCP/IP (इंटरनेट का आधार), HTTP (वेबसाइट खोलने के लिए), FTP (फाइल भेजने/पाने के लिए), SMTP (ईमेल भेजने के लिए)।

नेटवर्क के प्रकार: PAN, LAN, MAN, WAN

नेटवर्क को उसके क्षेत्र (area) के आधार पर बांटा जाता है — छोटा से बड़ा:

  • PAN (Personal Area Network): सबसे छोटा — एक व्यक्ति के आसपास (कुछ मीटर)। उदाहरण: मोबाइल से ब्लूटूथ द्वारा ईयरबड्स जुड़ना।
  • LAN (Local Area Network): एक इमारत या परिसर तक — घर, ऑफिस, स्कूल। गति सबसे तेज़, स्वामित्व निजी।
  • CAN (Campus Area Network): LAN से बड़ा — यूनिवर्सिटी कैंपस या बड़ी कंपनी परिसर जैसी जगह।
  • MAN (Metropolitan Area Network): एक शहर तक फैला। उदाहरण: शहर भर में केबल TV नेटवर्क।
  • WAN (Wide Area Network): शहरों/देशों/महाद्वीपों तक — सबसे बड़ा। उदाहरण: इंटरनेट (दुनिया का सबसे बड़ा WAN)।

LAN vs MAN vs WAN: विस्तृत तुलना

यह परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक है — पूरी तालिका ध्यान से देखें:

आधार LAN MAN WAN
पूरा नाम Local Area Network Metropolitan Area Network Wide Area Network
क्षेत्र इमारत/परिसर (कुछ किमी) शहर (दसियों किमी) देश/दुनिया (असीमित)
गति सबसे तेज़ मध्यम तुलनात्मक रूप से धीमी
स्वामित्व निजी (एक संस्था का) निजी या साझा सार्वजनिक/कई संस्थाओं का
लागत कम मध्यम सबसे ज्यादा
त्रुटि दर सबसे कम मध्यम सबसे ज्यादा
उदाहरण ऑफिस/स्कूल का नेटवर्क शहर का केबल नेटवर्क इंटरनेट

नेटवर्क टोपोलॉजी

टोपोलॉजी का मतलब है — नेटवर्क में कंप्यूटर (nodes) आपस में किस आकृति में जुड़े हैं। यह परीक्षा का classic टॉपिक है:

टोपोलॉजी संरचना फायदा नुकसान
Star (स्टार) सभी कंप्यूटर एक केंद्रीय hub/switch से जुड़े एक कंप्यूटर खराब हो तो बाकी चलते रहते हैं; प्रबंधन आसान केंद्रीय hub खराब हो तो पूरा नेटवर्क बंद
Bus (बस) सभी कंप्यूटर एक ही मुख्य केबल से जुड़े सस्ती, कम तार मुख्य केबल कटे तो पूरा नेटवर्क बंद; गति धीमी
Ring (रिंग) कंप्यूटर गोल घेरे में, हर एक दो पड़ोसियों से जुड़ा डेटा का प्रवाह व्यवस्थित एक भी कनेक्शन टूटे तो पूरा घेरा प्रभावित
Mesh (मेश) हर कंप्यूटर हर दूसरे से सीधे जुड़ा सबसे विश्वसनीय — कई रास्ते सबसे महंगी, तारों का जाल
Tree (ट्री) Star टोपोलॉजी का पदानुक्रमित रूप (पेड़ जैसी) बड़े नेटवर्क के लिए उपयुक्त मुख्य backbone पर निर्भर
Hybrid (हाइब्रिड) दो या अधिक टोपोलॉजी का मिश्रण लचीली डिजाइन जटिल

परीक्षा one-liner: सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली टोपोलॉजी Star है; सबसे विश्वसनीय Mesh है।

नेटवर्क डिवाइस

नेटवर्क को चलाने वाले मुख्य उपकरण — इनके अंतर से सीधे प्रश्न पूछे जाते हैं:

डिवाइस काम (एक लाइन में)
Hub (हब) आने वाले डेटा को सभी जुड़े डिवाइसों को भेजता है (चतुर नहीं है)
Switch (स्विच) डेटा को सिर्फ उसी डिवाइस को भेजता है जिसके लिए वह है (हब से चतुर)
Router (राउटर) अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ता है (जैसे घर का LAN और इंटरनेट); डेटा का सही रास्ता चुनता है
Modem (मोडेम) डिजिटल सिग्नल को एनालॉग में और एनालॉग को डिजिटल में बदलता है (टेलीफोन लाइन से इंटरनेट के लिए)
Repeater (रिपीटर) कमजोर सिग्नल को मजबूत करके आगे बढ़ाता है
Bridge (ब्रिज) एक जैसे दो LAN को जोड़ता है
Gateway (गेटवे) अलग-अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्कों को जोड़ता है (अनुवादक की तरह)

सबसे confuse करने वाली जोड़ी: Hub सबको भेजता है, Switch सिर्फ सही पते पर भेजता है। Router अलग नेटवर्क जोड़ता है, Bridge एक जैसे दो LAN जोड़ता है।

नेटवर्क के फायदे

  • संसाधन साझा करना: एक प्रिंटर या फाइल सभी कंप्यूटर इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • संचार आसान: ईमेल, मैसेजिंग, वीडियो कॉल।
  • डेटा का केंद्रीकरण: जरूरी फाइलें एक सर्वर पर सुरक्षित रहती हैं।
  • लागत में बचत: हर कंप्यूटर के लिए अलग प्रिंटर/सॉफ्टवेयर नहीं चाहिए।
  • सूचना तक तेज़ पहुंच: इंटरनेट के माध्यम से दुनिया भर का ज्ञान।

OSI मॉडल: 7 परतें

नेटवर्क में डेटा एक डिवाइस से दूसरे तक कैसे पहुंचता है, इसे समझाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय मानक बनाया गया है — OSI मॉडल (Open Systems Interconnection)। इसमें 7 परतें (layers) होती हैं। सबसे ऊपर की परत यूजर के सबसे करीब होती है और सबसे नीचे की परत तार और सिग्नल के सबसे करीब:

परत नाम काम (सरल भाषा में) उदाहरण
7 Application (एप्लीकेशन) वे सॉफ्टवेयर जिनसे यूजर सीधे जुड़ता है HTTP, FTP, SMTP, वेब ब्राउज़र
6 Presentation (प्रेजेंटेशन) डेटा का रूप बदलना — एन्क्रिप्शन, कंप्रेशन SSL/TLS, JPEG, MP3
5 Session (सेशन) दो डिवाइसों के बीच कनेक्शन बनाना और बनाए रखना लॉगिन सेशन
4 Transport (ट्रांसपोर्ट) डेटा को टुकड़ों में बांटना और सही क्रम में पहुंचाना TCP, UDP
3 Network (नेटवर्क) सबसे अच्छा रास्ता चुनना और पता (IP) लगाना Router, IP एड्रेस
2 Data Link (डेटा लिंक) एक ही नेटवर्क के डिवाइसों के बीच डेटा पहुंचाना Switch, MAC एड्रेस
1 Physical (फिजिकल) असली तार, सिग्नल और बिट्स (0 और 1) केबल, Hub, Repeater

याद रखने की ट्रिक: ऊपर से नीचे (7 से 1) क्रम याद रखें — “All People Seem To Need Data Processing” यानी Application, Presentation, Session, Transport, Network, Data Link, Physical।

परीक्षा one-liner: TCP और UDP Transport layer (परत 4) पर काम करते हैं, जबकि IP एड्रेस और Router Network layer (परत 3) पर काम करते हैं।

TCP/IP क्या है?

TCP/IP (Transmission Control Protocol / Internet Protocol) इंटरनेट की असली भाषा है — नियमों का वह समूह जिसके बिना दो कंप्यूटर आपस में बात ही नहीं कर सकते। इसके दो मुख्य हिस्से हैं:

  • IP (Internet Protocol): हर डिवाइस को एक अनोखा पता (address) देता है और तय करता है कि डेटा किस रास्ते से जाएगा।
  • TCP (Transmission Control Protocol): बड़े डेटा को छोटे टुकड़ों (packets) में बांटता है, हर टुकड़े पर नंबर लगाता है और मंजिल पर उन्हें सही क्रम में जोड़कर पूरा संदेश बनाता है। कोई टुकड़ा रास्ते में गुम हो जाए तो उसे दोबारा मंगवाता है।

सरल उदाहरण: मान लीजिए आपको 100 पेज की किताब दोस्त को भेजनी है। IP पते पर पता लिखता है (कहां भेजनी है), TCP किताब को पेजों में बांटता है, हर पेज पर नंबर डालता है — और दोस्त के पास पेज सही क्रम में लगकर पूरी किताब तैयार हो जाती है।

TCP vs UDP: TCP का छोटा भाई UDP (User Datagram Protocol) है — यह तेज़ है लेकिन भरोसेमंद नहीं (टुकड़ा गुम हो जाए तो दोबारा नहीं मंगवाता)। इसलिए वेबसाइट, ईमेल और फाइल डाउनलोड TCP पर चलते हैं (सही डेटा जरूरी है), जबकि लाइव वीडियो, वीडियो कॉल और ऑनलाइन गेम UDP पर चलते हैं (गति जरूरी है)।

आधार TCP UDP
पूरा नाम Transmission Control Protocol User Datagram Protocol
भरोसा ज्यादा — गुम टुकड़ा दोबारा आता है कम — गुम टुकड़ा गया तो गया
गति थोड़ी धीमी तेज़
डेटा का क्रम सही क्रम में पहुंचता है क्रम की गारंटी नहीं
इस्तेमाल वेबसाइट, ईमेल, फाइल डाउनलोड लाइव स्ट्रीमिंग, ऑनलाइन गेम, वीडियो कॉल

IP एड्रेस के basics

इंटरनेट से जुड़े हर डिवाइस का एक अनोखा पता होता है — इसे IP एड्रेस कहते हैं। बिना पते के डेटा को पता ही नहीं चलेगा कि उसे कहां जाना है, जैसे बिना पते के चिट्ठी नहीं पहुंचती।

IPv4 (सबसे आम): यह 32-बिट का पता है जो 4 हिस्सों (octet) में लिखा जाता है। हर हिस्सा 0 से 255 तक की संख्या होती है, और हिस्से बिंदु (dot) से अलग होते हैं। उदाहरण: 192.168.1.1 — आपके घर के राउटर का आम पता।

Class पहले हिस्से की रेंज किसके लिए इस्तेमाल
Class A 1 – 126 बहुत बड़े नेटवर्क (बड़ी कंपनियां और संगठन)
Class B 128 – 191 मध्यम आकार के नेटवर्क
Class C 192 – 223 छोटे नेटवर्क — घर और छोटे ऑफिस (सबसे आम)
Class D 224 – 239 Multicast — एक साथ कई डिवाइसों को भेजना
Class E 240 – 255 प्रयोग और रिसर्च के लिए आरक्षित
  • Private vs Public IP: घर या ऑफिस के अंदर 192.168.x.x जैसे पते private होते हैं (बाहर से नहीं दिखते); इंटरनेट पर दिखने वाला पता public होता है।
  • Static vs Dynamic IP: Static IP हमेशा एक जैसा रहता है (वेबसाइटों के सर्वरों के लिए); Dynamic IP बदलता रहता है (घर के Wi-Fi पर हर बार नया मिल सकता है)।
  • IPv6: IPv4 के पते धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं, इसलिए 128-बिट वाला IPv6 लाया गया (जैसे 2001:0db8:…) — इसमें अरबों गुना ज्यादा पते बनाए जा सकते हैं।

परीक्षा one-liner: IPv4 32-बिट (4 octet) का होता है और IPv6 128-बिट का। Class C (192–223) घरों में सबसे आम है।

DNS, Firewall और डिवाइसों में अंतर

DNS (Domain Name System): इंसान नाम याद रखता है, कंप्यूटर नंबर — DNS दोनों के बीच अनुवाद करता है। जब आप ब्राउज़र में google.com टाइप करते हैं, तो DNS उसे IP पते (जैसे 142.250.x.x) में बदलता है और तब वेबसाइट खुलती है। इसीलिए DNS को “इंटरनेट की फोनबुक” कहते हैं।

Firewall (फ़ायरवॉल): नेटवर्क की सुरक्षा दीवार है — आने-जाने वाले डेटा की जांच करता है और खतरनाक या अनचाहे ट्रैफिक को रोकता है। यह सॉफ्टवेयर के रूप में भी होता है और अलग हार्डवेयर डिवाइस के रूप में भी।

Router vs Switch vs Modem vs Hub — अंतिम तुलना तालिका:

डिवाइस क्या जोड़ता है मुख्य काम OSI परत
Hub एक नेटवर्क के कई डिवाइस डेटा सबको भेजता है Physical (1)
Switch एक नेटवर्क के कई डिवाइस डेटा सिर्फ सही पते पर भेजता है Data Link (2)
Router अलग-अलग नेटवर्क डेटा के लिए सबसे अच्छा रास्ता चुनता है Network (3)
Modem कंप्यूटर और ISP डिजिटल ↔ एनालॉग रूपांतरण Physical (1)
Bridge दो एक जैसे LAN दो LAN को आपस में जोड़ता है Data Link (2)
Gateway अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्क प्रोटोकॉल का अनुवाद करता है सभी परतें
Repeater सिग्नल का दायरा बढ़ाता है कमजोर सिग्नल को मजबूत करता है Physical (1)

याद रखने की ट्रिक: “हब बेवकूफ है (सबको भेजता है), स्विच समझदार है (सही पते पर भेजता है), राउटर रास्ता जानता है (अलग नेटवर्क जोड़ता है), मोडेम अनुवादक है (डिजिटल-एनालॉग बदलता है)।”

प्रैक्टिस MCQs

ऊपर पढ़ा हुआ पक्का करने के लिए 10 प्रश्न हल करें — उत्तर हर प्रश्न के ठीक नीचे दिया गया है:

प्रश्न 1: OSI मॉडल में कुल कितनी परतें (layers) होती हैं?

  • (a) 4
  • (b) 5
  • (c) 7
  • (d) 9

उत्तर: (c) 7 — Application से Physical तक।

प्रश्न 2: IP एड्रेस और Router OSI मॉडल की किस परत पर काम करते हैं?

  • (a) Physical layer
  • (b) Data Link layer
  • (c) Network layer
  • (d) Application layer

उत्तर: (c) Network layer (परत 3)।

प्रश्न 3: TCP का मुख्य काम क्या है?

  • (a) डोमेन नाम को IP में बदलना
  • (b) डेटा को टुकड़ों में बांटकर सही क्रम में पहुंचाना
  • (c) वायरस को रोकना
  • (d) वेबसाइट डिजाइन करना

उत्तर: (b) डेटा को टुकड़ों (packets) में बांटकर सही क्रम में पहुंचाना।

प्रश्न 4: DNS का काम क्या है?

  • (a) डेटा को एन्क्रिप्ट करना
  • (b) डोमेन नाम को IP एड्रेस में बदलना
  • (c) सिग्नल को मजबूत करना
  • (d) अलग नेटवर्कों को जोड़ना

उत्तर: (b) डोमेन नाम को IP एड्रेस में बदलना — इसीलिए इसे “इंटरनेट की फोनबुक” कहते हैं।

प्रश्न 5: Firewall का काम क्या है?

  • (a) इंटरनेट की गति बढ़ाना
  • (b) खतरनाक और अनचाहे ट्रैफिक को रोकना
  • (c) IP एड्रेस देना
  • (d) केबल जोड़ना

उत्तर: (b) खतरनाक और अनचाहे ट्रैफिक को रोकना।

प्रश्न 6: IPv4 एड्रेस में कितने octet होते हैं?

  • (a) 2
  • (b) 4
  • (c) 6
  • (d) 8

उत्तर: (b) 4 — हर हिस्सा 0 से 255 तक होता है।

प्रश्न 7: Class C IP एड्रेस की रेंज क्या है?

  • (a) 1 – 126
  • (b) 128 – 191
  • (c) 192 – 223
  • (d) 224 – 239

उत्तर: (c) 192 – 223 — घरों और छोटे ऑफिस में सबसे आम।

प्रश्न 8: TCP और UDP में तेज़ कौन है?

  • (a) TCP
  • (b) UDP
  • (c) दोनों बराबर
  • (d) कोई नहीं

उत्तर: (b) UDP — तेज़ है लेकिन TCP जितना भरोसेमंद नहीं।

प्रश्न 9: Modem का पूरा नाम क्या है?

  • (a) Modern Demodulation
  • (b) Modulator-Demodulator
  • (c) Mobile Demodulator
  • (d) Mode Demodulation

उत्तर: (b) Modulator-Demodulator।

प्रश्न 10: लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग सामान्यतः किस प्रोटोकॉल पर चलती है?

  • (a) TCP
  • (b) UDP
  • (c) SMTP
  • (d) FTP

उत्तर: (b) UDP — क्योंकि यहां गति भरोसे से ज्यादा जरूरी है।

परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्य

  1. दुनिया का सबसे बड़ा WAN इंटरनेट है।
  2. पहला कंप्यूटर नेटवर्क ARPANET था (पहला संदेश 1969 में)।
  3. LAN का स्वामित्व सामान्यतः निजी होता है।
  4. सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली टोपोलॉजी Star है।
  5. सबसे विश्वसनीय टोपोलॉजी Mesh है।
  6. इंटरनेट का आधारभूत प्रोटोकॉल TCP/IP है।
  7. वेबसाइट खोलने के लिए HTTP प्रोटोकॉल इस्तेमाल होता है।
  8. ईमेल भेजने के लिए SMTP प्रोटोकॉल है।
  9. Hub और Switch में अंतर — Hub सबको भेजता है, Switch सिर्फ सही पते पर।
  10. Router अलग-अलग नेटवर्कों को जोड़ता है।
  11. Modem का काम डिजिटल-एनालॉग रूपांतरण है।
  12. Repeater कमजोर सिग्नल को मजबूत करता है।
  13. ब्लूटूथ PAN का उदाहरण है।
  14. शहर भर का केबल नेटवर्क MAN का उदाहरण है।
  15. Gateway अलग प्रोटोकॉल वाले नेटवर्कों को जोड़ता है।
  16. OSI मॉडल में 7 परतें होती हैं — सबसे ऊपर Application, सबसे नीचे Physical।
  17. TCP और UDP Transport layer (परत 4) पर काम करते हैं।
  18. IP एड्रेस और Router Network layer (परत 3) पर काम करते हैं।
  19. DNS डोमेन नाम को IP एड्रेस में बदलता है — “इंटरनेट की फोनबुक”।
  20. Firewall खतरनाक और अनचाहे ट्रैफिक को रोकता है।
  21. IPv4 32-बिट (4 octet) का होता है; IPv6 128-बिट का।
  22. Class C (192–223) घरों और छोटे ऑफिस में सबसे आम IP class है।
  23. Modem का पूरा नाम Modulator-Demodulator है।
  24. वेबसाइट और ईमेल TCP पर चलते हैं; लाइव वीडियो और गेम UDP पर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: इंटरनेट और इंट्रानेट में क्या अंतर है?

इंटरनेट पूरी दुनिया का सार्वजनिक नेटवर्क है, जबकि इंट्रानेट किसी एक संस्था का निजी आंतरिक नेटवर्क है (जैसे कंपनी के कर्मचारियों के लिए)।

प्रश्न 2: Wi-Fi कौन से नेटवर्क का उदाहरण है?

घर/ऑफिस का Wi-Fi सामान्यतः LAN (बेतार LAN / WLAN) का उदाहरण है।

प्रश्न 3: क्या बिना इंटरनेट के नेटवर्क हो सकता है?

हां। दो कंप्यूटरों को केबल से जोड़कर फाइल साझा करना भी एक नेटवर्क (LAN) है — इसके लिए इंटरनेट जरूरी नहीं।

प्रश्न 4: टोपोलॉजी क्यों महत्वपूर्ण है?

टोपोलॉजी तय करती है कि नेटवर्क कितना विश्वसनीय, तेज़ और महंगा होगा — और एक हिस्से के खराब होने पर बाकी नेटवर्क चलता रहेगा या नहीं।

प्रश्न 5: IP एड्रेस क्या होता है और क्यों जरूरी है?

IP एड्रेस इंटरनेट से जुड़े हर डिवाइस का अनोखा पता होता है। बिना पते के डेटा को पता ही नहीं चलेगा कि उसे कहां जाना है — जैसे बिना पते के चिट्ठी नहीं पहुंचती।

प्रश्न 6: DNS कैसे काम करता है?

जब आप google.com टाइप करते हैं, तो DNS सर्वर इस नाम को उस वेबसाइट के IP पते में बदलता है। कंप्यूटर फिर उस IP पते से जुड़कर वेबसाइट खोलता है — आपको नंबर याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रश्न 7: TCP और UDP में क्या अंतर है?

TCP भरोसेमंद है — डेटा सही क्रम में और पूरा पहुंचता है (वेबसाइट, ईमेल)। UDP तेज़ है लेकिन भरोसेमंद नहीं — कोई टुकड़ा गुम हो जाए तो दोबारा नहीं आता (लाइव वीडियो, गेम)।

प्रश्न 8: Firewall क्यों जरूरी है?

Firewall नेटवर्क की सुरक्षा दीवार है — यह आने-जाने वाले डेटा की जांच करके वायरस, हैकिंग और अनचाहे ट्रैफिक को रोकता है। इसके बिना आपका कंप्यूटर इंटरनेट के खतरों के सामने खुला रहता है।

प्रश्न 9: Static और Dynamic IP में क्या अंतर है?

Static IP हमेशा एक जैसा रहता है (वेबसाइटों के सर्वर इसे इस्तेमाल करते हैं), जबकि Dynamic IP बदलता रहता है — घर के Wi-Fi पर आपको हर बार नया IP मिल सकता है।

प्रश्न 10: IPv4 और IPv6 में क्या अंतर है?

IPv4 32-बिट का होता है (जैसे 192.168.1.1) और इसके पते खत्म हो रहे हैं। IPv6 128-बिट का होता है (जैसे 2001:0db8:…) और इसमें अरबों गुना ज्यादा पते बनाए जा सकते हैं — यह भविष्य का मानक है।

Last Updated: 18 अक्टूबर 2026

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