लेखक: अभ्यास नीति | Last Updated: 6 अक्टूबर 2026
ऊँच–नीच, दिन–रात, जीवन–मरण — ये विलोम शब्द हैं, यानी उल्टा अर्थ देने वाले जोड़े। परीक्षा में “X का विलोम बताओ” सीधा पूछा जाता है, और “कृतज्ञ–कृतघ्न” जैसे दिखने में एक-से जोड़ों से फँसाया जाता है। इस पेज में 80 जाँचे हुए जोड़े वर्णानुक्रम में हैं, साथ में उपसर्ग से विलोम बनाने के नियम, भ्रमित जोड़ियाँ, याद रखने की ट्रिक और 10 प्रश्नों का क्विज़।

इस पेज में
- विलोम किसे कहते हैं
- उपसर्ग से विलोम बनाने के नियम
- 80 जोड़ों की सूची
- भ्रमित करने वाली जोड़ियाँ
- आम गलतियाँ
- याद रखने की ट्रिक
- क्विज़: 10 प्रश्न
- अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- आगे पढ़ें
- स्रोत
विलोम किसे कहते हैं
जो शब्द एक-दूसरे से उल्टा अर्थ दें, वे विलोम (विपरीतार्थक) शब्द कहलाते हैं। दिन का उल्टा रात, सुख का उल्टा दुःख — इसलिए दिन–रात और सुख–दुःख विलोम जोड़े हैं। विलोम हमेशा एक ही व्याकरणिक रूप में बनता है: संज्ञा का संज्ञा से (जय–पराजय), विशेषण का विशेषण से (अच्छा–बुरा), क्रिया का क्रिया से। परीक्षा में तीन रूपों में प्रश्न आते हैं: सीधा विलोम बताना, रिक्त स्थान में सही विलोम चुनना, और “इनमें से विलोम-जोड़ा नहीं है” वाला निगेटिव प्रश्न।
उपसर्ग से विलोम बनाने के नियम
बहुत-से विलोम उपसर्ग लगाकर बनते हैं। उपसर्ग पहचान लो तो आधे विलोम खुद बन जाएँगे।
| उपसर्ग | विलोम बनाने का तरीका | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ- / अन्- | निषेध का भाव जोड़ता है | न्याय–अन्याय, धर्म–अधर्म, उचित–अनुचित, हिंसा–अहिंसा, आदर–अनादर |
| सु- / स- ↔ कु- / क- / दुर्- | अच्छा ↔ बुरा | सज्जन–दुर्जन, सुपुत्र–कुपुत्र, सुगम–दुर्गम, सुगंध–दुर्गंध |
| नि- / निर्- | रहित / बिना का भाव | सगुण–निर्गुण, सजीव–निर्जीव, सबल–निर्बल, भय–निर्भय |
| वि- | विपरीत दिशा | क्रय–विक्रय, देश–विदेश, पक्ष–विपक्ष |
नियम: ‘अ’ व्यंजन से पहले (अन्याय, अधर्म) और ‘अन्’ स्वर से पहले (अनुचित, अनादर) लगता है। ‘सु’ का उल्टा हमेशा ‘कु’ नहीं होता — सुगम का विलोम दुर्गम है, कुगम नहीं। इसलिए जोड़ा रटो, अंदाज़ा मत लगाओ।
80 जोड़ों की सूची — वर्णानुक्रम
सूची अकारादि क्रम में है। हर जोड़ा मानक व्याकरण-परंपरा से जाँचा हुआ है।
- अच्छा – बुरा
- आदि – अंत
- आदर – अनादर
- अनुज – अग्रज
- अनुकूल – प्रतिकूल
- अमृत – विष
- अंधकार – प्रकाश
- अल्प – अधिक
- अस्त – उदय
- आगे – पीछे
- आय – व्यय
- इहलोक – परलोक
- ईमानदार – बेईमान
- उत्तम – अधम
- उत्थान – पतन
- उचित – अनुचित
- उदार – कृपण
- ऊँच – नीच
- एक – अनेक
- कठिन – सरल
- कृतज्ञ – कृतघ्न
- क्रय – विक्रय
- कृत्रिम – प्राकृतिक
- कोमल – कठोर
- खरा – खोटा
- गर्मी – सर्दी
- गुरु – लघु
- चल – अचल
- चतुर – मूर्ख
- छोटा – बड़ा
- जीवन – मरण
- जय – पराजय
- जड़ – चेतन
- जागरण – निद्रा
- तीव्र – मंद
- दिन – रात
- दुर्जन – सज्जन
- धनी – निर्धन
- धर्म – अधर्म
- धूप – छाँव
- नया – पुराना
- निंदा – स्तुति
- न्याय – अन्याय
- निर्भय – भयभीत
- पक्ष – विपक्ष
- पवित्र – अपवित्र
- पाप – पुण्य
- पूर्ण – अपूर्ण
- प्रेम – घृणा
- प्राचीन – नवीन
- बलवान – निर्बल
- बाहर – अंदर
- भला – बुरा
- मानव – दानव
- मित्र – शत्रु
- मधुर – कटु
- युवा – वृद्ध
- यश – अपयश
- योग्य – अयोग्य
- रक्षक – भक्षक
- राग – द्वेष
- लाभ – हानि
- लंबा – छोटा
- वीर – कायर
- शुभ – अशुभ
- शांत – अशांत
- संभव – असंभव
- सुख – दुःख
- सुगम – दुर्गम
- सत्य – असत्य
- सुलभ – दुर्लभ
- स्वर्ग – नरक
- स्वदेश – विदेश
- सजीव – निर्जीव
- सक्रिय – निष्क्रिय
- स्थूल – सूक्ष्म
- हार – जीत
- हिंसा – अहिंसा
- हर्ष – शोक
- ज्ञानी – अज्ञानी
भ्रमित करने वाली जोड़ियाँ
ये जोड़े परीक्षा में सबसे ज़्यादा फँसाते हैं — दिखने में एक-से, अर्थ में उल्टे।
- कृतज्ञ – कृतघ्न: कृतज्ञ = उपकार मानने वाला; कृतघ्न = उपकार को न मानने वाला। एक मात्रा का नहीं, पूरे अर्थ का फर्क है।
- अनुकूल – प्रतिकूल: अनुकूल = पक्ष में; प्रतिकूल = विरुद्ध। ‘प्रति’ उपसर्ग उल्टा कर देता है।
- ऊसर – उर्वर: ऊसर = बंजर ज़मीन; उर्वर = उपजाऊ ज़मीन। “ऊसर का विलोम” सीधा पूछा जाता है।
- सुलभ – दुर्लभ: सुलभ = आसानी से मिलने वाला; दुर्लभ = कठिनाई से मिलने वाला।
- उदार – कृपण: उदार = दानशील; कृपण = कंजूस।
आम गलतियाँ
- हर ‘अ-‘ वाला शब्द विलोम नहीं बनाता। ‘अमर’ का विलोम ‘मर्त्य’ है, ‘अटल’ का कोई सीधा विलोम नहीं। उपसर्ग दिखे तो नियम देखो, अंदाज़ा मत लगाओ।
- पर्याय को विलोम समझना। ‘विष’ अमृत का पर्याय नहीं, विलोम है। निगेटिव प्रश्नों में विलोम को पर्याय के विकल्पों में मिलाकर जाल बिछाया जाता है।
- रूप बदलने पर जोड़ा बदलता है। ‘वीर’ का विलोम ‘कायर’ है, पर ‘वीरता’ का विलोम ‘कायरता’ होगा। संज्ञा–विशेषण का मेल रखो।
- ‘अच्छा–खराब’ चलता है, पर परीक्षा में ‘अच्छा–बुरा’ मानक है। बोलचाल वाला जोड़ा विकल्पों में दिखे तो मानक जोड़ा चुनो।
याद रखने की ट्रिक
- उपसर्ग पहले पहचानो। अ/अन्, सु/कु, नि/निर्, वि, दुर् — ये दिखें तो विलोम का संकेत समझो और ऊपर की टेबल से जोड़ा मिलाओ।
- जोड़े में याद करो, अकेले नहीं। ‘दिन’ अकेला याद करोगे तो भूलोगे; ‘दिन–रात’ जोड़े में याद रहेगा।
- भ्रमित जोड़ियों को अलग कॉपी में लिखो। कृतज्ञ–कृतघ्न, ऊसर–उर्वर, अनुकूल–प्रतिकूल — इन पाँचों को एक साथ रोज़ दोहराओ, बाकी सूची अपने आप बैठ जाएगी।
क्विज़: 10 प्रश्न
नीचे 10 प्रश्न हैं। हर प्रश्न इसी पेज के नियमों और जोड़ों से बना है।
Q1: 'दिन' का विलोम शब्द क्या है? A: उजाला B: रात C: अंधकार D: संध्या ANS: B WHY: दिन का विलोम रात है; अंधकार दिन का नहीं, प्रकाश का विलोम है। Q2: 'कृतज्ञ' का विलोम क्या है? A: आभारी B: उपकारी C: एहसानमंद D: कृतघ्न ANS: D WHY: कृतज्ञ (उपकार मानने वाला) का विलोम कृतघ्न (उपकार न मानने वाला) है। Q3: उपसर्ग से बना विलोम-जोड़ा कौन-सा है? A: जीवन–मरण B: सुख–दुःख C: दिन–रात D: न्याय–अन्याय ANS: D WHY: न्याय–अन्याय 'अ-' उपसर्ग से बना है; बाकी स्वतंत्र विपरीत शब्द हैं। Q4: 'सुगम' का विलोम क्या है? A: कुगम B: असुगम C: दुर्गम D: निर्गम ANS: C WHY: सुगम का विलोम दुर्गम है; 'सु' का उल्टा हमेशा 'कु' नहीं होता। Q5: 'ऊसर' का विलोम क्या है? A: बंजर B: उर्वर C: मरुस्थल D: पठार ANS: B WHY: ऊसर (बंजर ज़मीन) का विलोम उर्वर (उपजाऊ ज़मीन) है। Q6: कौन-सा जोड़ा विलोम नहीं है? A: जल–पानी B: अमृत–विष C: अच्छा–बुरा D: जय–पराजय ANS: A WHY: जल–पानी पर्यायवाची जोड़ा है; बाकी तीनों विलोम हैं। Q7: 'स्वदेश' का विलोम क्या है? A: परदेश B: विदेश C: देश D: राष्ट्र ANS: B WHY: स्वदेश का विलोम विदेश है; 'वि-' उपसर्ग दिशा उलट देता है। Q8: 'वीरता' का विलोम क्या है? A: कायर B: डर C: कायरता D: भीरु ANS: C WHY: संज्ञा का विलोम संज्ञा से — वीरता (संज्ञा) का विलोम कायरता है, कायर (विशेषण) नहीं। Q9: 'आगे' का विलोम क्या है? A: पहले B: पूर्व C: पीछे D: पश्चात ANS: C WHY: आगे का विलोम पीछे है। Q10: 'हर्ष' का विलोम क्या है? A: शोक B: दुःख C: विषाद D: रुदन ANS: A WHY: हर्ष का मानक विलोम शोक है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
विलोम शब्द किसे कहते हैं? जो शब्द एक-दूसरे से उल्टा अर्थ दें, वे विलोम कहलाते हैं — जैसे दिन–रात, सुख–दुःख। विलोम हमेशा एक ही व्याकरणिक रूप में बनता है: संज्ञा का संज्ञा से, विशेषण का विशेषण से।
‘अच्छा’ का विलोम क्या है — बुरा या खराब? मानक विलोम ‘बुरा’ है। बोलचाल में ‘खराब’ भी चलता है, पर परीक्षा के विकल्पों में ‘बुरा’ दिखे तो वही चुनो।
कृतज्ञ का विलोम कृतघ्न कैसे याद रखें? ‘ज्ञ’ यानी जानने वाला — कृतज्ञ वह जो किए हुए उपकार को जाने (माने)। ‘घ्न’ यानी मारने/मिटाने वाला — कृतघ्न वह जो उपकार को मिटा दे, यानी न माने।
उपसर्ग से विलोम कैसे बनते हैं? अ/अन् निषेध जोड़ता है (न्याय–अन्याय), सु/कु अच्छा–बुरा करते हैं (सज्जन–दुर्जन), नि/निर् ‘रहित’ का भाव देता है (सजीव–निर्जीव), वि दिशा उलटता है (देश–विदेश)। पूरी टेबल ऊपर दी गई है।
परीक्षा में विलोम के प्रश्न किस रूप में आते हैं? तीन रूपों में — सीधा “X का विलोम बताओ”, रिक्त स्थान में सही विलोम चुनना, और “कौन-सा जोड़ा विलोम नहीं है” वाला निगेटिव प्रश्न। तीसरे रूप में पर्यायवाची जोड़ों को विकल्प बनाकर फँसाया जाता है।
आगे पढ़ें
शब्द-संपदा के और विषय — हर पेज पर सूची, ट्रिक और क्विज़:
- पर्यायवाची शब्द: 89 जाँचे हुए शब्दों की सूची — समान अर्थ वाले शब्द।
- मुहावरे: अर्थ और वाक्य-प्रयोग — 60 जाँचे हुए मुहावरे।
- वाक्यांश के लिए एक शब्द — एक शब्द में पूरा भाव (आने वाला पेज)।
स्रोत
स्रोत: विलोम-जोड़े मानक हिंदी व्याकरण परंपरा (कामताप्रसाद गुरु) के अनुसार रखे गए हैं; उपसर्ग-नियम और जोड़ों का मिलान मानक व्याकरण-संदर्भों से किया गया। हिंदी व्याकरण के सभी टॉपिक हब पेज पर क्रम से मिलेंगे।